India UNSC Membership : भारत को निश्चितरूप से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता मिलेगी ! – विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 

इसके उपरांत यह संख्या १९३ हुई; परंतु इन ५ देशों ने संयुक्त राष्ट्र पर उनका नियंत्रण जारी रखा है; लेकिन अब इसमें बदलाव करने के लिए उन्हें बताना पड रहा है, यह विचित्र बात है ।

Pakistan In UN : (और इनकी सुनिए….) ‘भारत हम पर आक्रमण कर सकता है !’ – पाकिस्तान

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान पर आरोप

भारत ने अभी तक हमसे कच्‍चातिवु वापस नहीं मांगा है !

कच्‍चातिवु द्वीप श्रीलंका की सीमा में आता है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के श्रीलंका से अच्‍छे संबंध हैं ।

Katchatheevu Island Issue : इंदिरा गांधी ने ‘कच्चातिवु’ नामक भारतीय द्वीप श्रीलंका को भेटस्वरूप दिया !

कांग्रेस ने श्रीलंका को कच्चातिवु द्वीप दिया, यह गंभीर आरोप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ३१ मार्च को किया ।

कंबोडिया में भारतीयों द्वारा बलपूर्वक करवाए जा रहे है साइबर क्राईम (अपराध) !

कंबोडिया में लगभग ५ सहस्र भारतीय नागरिकों से बलपूर्वक साइबर अपराध करवाए जा रहे हैं, ऐसी जानकारी सामने आने के उपरांत वहां के भारतीय दूतावास ने ७५ भारतीयों की मुक्तता की है ।

(और इनकी सुनिए…) ‘सामूहिक हित संजोनेवाली एकीकृत राजनयिक कूटनीति का स्वीकार करना चाहिए !’ – अमेरिका

अमेरिका ने अब अफगानिस्तान की आड में भारत को दिया ‘ज्ञान’ !

अमेरिका सदैव पाकिस्तान के पीछे खड़ा रहेगा ! – जो बाइडेन 

फरवरी महीने में पाकिस्तान में हुए आम चुनावों के पश्चात पहली बार अमेरिका के राष्ट्राध्यक्ष जो बाइडेन ने पाकिस्तान के नये प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ को पत्र लिखा ।

(और इनकी सुनिए) ‘अमेरिका भारत को हमारे विरुद्ध भडका रहा है !’ – चीन

अमेरिका के द्वारा अरुणाचल प्रदेश के सूत्र पर भारत का पक्ष लेने पर चीन तिलमिला गया है ।

S Jaishankar Target China : भारत के साथ किया दीर्घकालीन लिखित समझौता बनाए रखने में चीन असफल ! – विदेश मंत्री एस्. जयशंकर

विदेश मंत्री एस्. जयशंकर ने फिर से एक बार चीन का खरा चेहरा संसार के सामने लाया है । मलेशिया की राजधानी में भारतीय यात्रियों से वार्तालाप करते समय वे बोल रहे थे ।

US Kejriwal Arrest : (और इनकी सुनिए…) ‘हम अपनी भूमिका पर अटल हैं, निष्पक्ष जांच होनी चाहिए !’ – अमेरिका

देहली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बंदी बनाए जाने के मामले को लेकर अमेरिका द्वारा दिए वक्तव्य पर भारत ने अमेरिका की राजनीतिक अधिकारी ग्लोरिया बर्ना को मंत्रालय में बुलाकर उत्तर मांगा था और भारत के अंतर्गत सूत्रों में हस्तक्षेप न करने का भान भी कराया था; परंतु इसके उपरांत भी अमेरिका ने फिर से एक बार इस मामले में वक्तव्य दिया है ।