
देहली – यहां २ जुलाई को ‘ऑनलाइन’ सत्संग में सद़्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी ने घोषित किया, ‘‘सनातन की साधिका श्रीमती ज्योति राणे ने ६३ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर प्राप्त किया है । इससे वे जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त हो गई हैं ।’’ इस घोषणा के उपरांत श्रीमती ज्योति राणे सहित साधकों ने परात्पर गुरुदेवजी के श्रीचरणों में कृतज्ञता व्यक्त की ।
हिन्दुओ, तृतीय विश्वयुद्ध के दुष्परिणाम टालने के लिए यज्ञसंस्कृति का पुनरुत्थान करो !
राजमातंगी देवी की उपासना का कला की दृष्टि से महत्त्व
आध्यात्मिक उपचारों के संदर्भ में यह ध्यान रखें !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी