
देहली – यहां २ जुलाई को ‘ऑनलाइन’ सत्संग में सद़्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी ने घोषित किया, ‘‘सनातन की साधिका श्रीमती ज्योति राणे ने ६३ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर प्राप्त किया है । इससे वे जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त हो गई हैं ।’’ इस घोषणा के उपरांत श्रीमती ज्योति राणे सहित साधकों ने परात्पर गुरुदेवजी के श्रीचरणों में कृतज्ञता व्यक्त की ।
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी एकमेवाद्वितीय एवं अवतारी पुरुष क्यों हैं ?
सनातन आश्रम, रामनाथी के भावपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ ‘आयुष्य होम’ !
साधकों को स्वभावदोष एवं अहं के निर्मूलन की प्रक्रिया सिखाकर स्वसूचनाओं के द्वारा स्वभावदोषों पर विजय प्राप्त करने का मार्गदर्शन करनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी !