पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने इफ्तार में शिया मौलानाओं का किया अपमान !

‘ईरान से इतना प्रेम है, तो वहीं चले जाओ’, कहते हुए असीम मुनीर ने शिया मौलानाओं को फटकारा

(मौलाना का अर्थ : इस्लाम का जानकार/विद्वान)

(बाएंसे) पाकिस्तान के शिया धर्मगुरु मोहम्मद शिफा नजफी और सेना प्रमुख असीम मुनीर

इस्लामाबाद – ईरान युद्ध की पृष्ठभूमि में पाकिस्तान की स्थिति तेजी से परिवर्तित हो रही है तथा शिया नेताओं ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है । आरोप है कि १९ मार्च को आयोजित एक उच्च स्तरीय इफ्तार समारोह में सेना प्रमुख ने शिया मौलानाओं का अपमान किया । पाकिस्तान के शिया धर्मगुरु मोहम्मद शिफा नजफी ने बताया कि मुनीर ने कहा, “यदि आपको ईरान से इतना प्रेम है, तो वहीं चले जाइए ।”

१. इस विषय में एक रिपोर्ट के अनुसार, इफ्तार समारोह में सेना प्रमुख असीम मुनीर ने देश के प्रमुख शिया उलेमाओं (धर्म ज्ञानियों) को सबके सामने कठोर शब्दों में फटकारा ।

२. इस घटना के उपरांत पाकिस्तान के शिया समुदाय ने तीव्र अपमान की भावना व्यक्त की है । मौलाना हसनैन अब्बास गर्देजी ने कहा कि जनरल असीम मुनीर के बोलने का तरीका एवं उनकी टिप्पणी अत्यंत अपमानजनक थी ।

३. कार्यक्रम से बाहर निकले शिया नेताओं ने बताया कि असीम मुनीर सबके सामने उनका अपमान कर रहे थे तथा बार-बार उन्हें ‘ईरान का निष्ठावान’ कह रहे थे ।

४. असीम मुनीर ने शिया मुसलमानों को पाकिस्तान विरोधी बताते हुए देश के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया ।

५. मौलाना हसनैन ने कहा कि असीम मुनीर द्वारा किया गया यह व्यवहार पाकिस्तान के निर्माण में शिया समुदाय के योगदान को पूरी तरह से अस्वीकार करता है ।

६. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना शिया समुदाय से थे । इसके अलावा मक्का, मदीना, इराक तथा ईरान के पवित्र स्थलों के साथ शियाओं के सदियों पुराने धार्मिक संबंधों की पाकिस्तान सेना अनदेखी कर रही है ।

संपादकीय भूमिका 

सुन्नी बहुल पाकिस्तान में शिया मुसलमानों की स्थिति दयनीय ! विश्वभर में कट्टरपंथी मुसलमान आपस में लडकर रक्त बहाते हैं, यह एक सत्य है । जब मुसलमानों के अपने संप्रदायों में इतना गहरा द्वेष है, तब हिन्दुओं को ‘आपके धर्म में जाति व्यवस्था है’ कहकर सुधारवादियों द्वारा नीचा दिखाना अत्यंत क्रोधजनक है !