
नई दिल्ली – १४० करोड भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है इसके लिए रूस, अमेरिका, वेनेजुएला सहित सभी विकल्प उपलब्ध हैं, ऐसी जानकारी भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दी । भारत ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौता किए जाने की जानकारी देते समय राष्ट्रपति ट्रम्प ने यह कहा था कि भारत रूस से तेल क्रय (खरीद) न करके अमेरिका तथा वेनेजुएला से तेल क्रय (खरीदेगा) करेगा। इस पर भारत ने उपरोक्त जानकारी दी ।
जायसवाल ने कहा कि वेनेजुएला भारत का पारंपरिक ऊर्जा भागीदार है । वर्ष २०१९-२० तक वहां प्रतिबंध लागू होने से पहले वेनेजुएला भारत के लिए कच्चे तेल का एक बडा स्रोत था । बाद में प्रतिबंधों में कुछ शिथिलता आने पर वर्ष २०२३-२४ में पुनः तेल का क्रय (खरीद) प्रारम्भ किया गया ।परन्तु प्रतिबंध पुनः लागू होने के कारण यह प्रक्रिया रोकनी पड़ी । यदि मूल्य कम हों तथा आपूर्ति में कोई बाधा न हो, तो वेनेजुएला से तेल क्रय (खरीद) का विकल्प भारत विचार करने के लिए तैयार है । देश में पेट्रोल-डीजल की कमी न हो, साथ ही ईंधन का मूल्य नियंत्रण में रहे, इसके लिए सरकार एक ही देश पर निर्भर न रहकर विभिन्न देशों से तेल क्रय करने (खरीदने) की नीति अपना रही है । भारत की ऊर्जा नीतियां बाजार की स्थिति, मूल्य तथा राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर तय की जाएंगी, ऐसा भी मंत्रालय ने स्पष्ट किया ।
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