Bangladeshi Smugglers Shot Dead : बांग्लादेश सीमा पर सैनिकों की प्रत्युत्तरात्मक गोलीबारी में २ बांग्लादेशी तस्कर मारे गए

१५ लाख रुपये मूल्य की औषधियों की तस्करी करते हुए सीमा पार कर रहे थे

बांग्लादेशी तस्करों पर गोलीबारी।

आगरतला (त्रिपुरा) – दक्षिण त्रिपुरा की सीमा से लगे क्षेत्र में सीमा सुरक्षा बल द्वारा भारत से विभिन्न वस्तुओं की तस्करी का प्रयास कर रहे बांग्लादेशी तस्करों पर की गई गोलीबारी में २ तस्कर मारे गए, जबकि १ घायल हो गया । घायल अवस्था में उसका चिकित्सालय में उपचार चल रहा है । जाकिर हुसेन मिल्लत एवं मोहम्मद यासीन लिटन की मृत्यु हो गई, जबकि मोहम्मद अफसर घायल हुआ ।

२६ जुलाई को ये तीनों व्यक्ति सीमा पार करके बांग्लादेश जा रहे थे, तभी सैनिकों ने उन्हें रोका । उस समय उन्होंने सैनिकों पर आक्रमण कर दिया । प्रत्युत्तर में सैनिकों द्वारा की गई गोलीबारी में मोहम्मद यासीन लिटन घटनास्थल पर ही मारा गया, जबकि जाकिर हुसेन मिल्लत की मृत्यु उपचार के समय हुई । घटनास्थल से १५ लाख रुपये मूल्य की औषधियों का भंडार जप्त किया गया है ।

भारतीय तस्कर भी बंदि बनाया गया

त्रिपुरा पुलिस के सहायक पुलिस महानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) रणधीर देबबर्मा ने बताया कि इस प्रकरण में २ भारतीय तस्करों को भी बंदी बनाया गया है । इन तस्करों से पूछताछ करके संपूर्ण तस्करी जाल की सूचना एकत्र की जा रही है ।

सीमा सुरक्षा बल ने मारे गए बांग्लादेशी तस्करों के मृतदेह बांग्लादेश सीमा सुरक्षा बल को सौंप दिया है । इस अवसर पर कमांडेंट स्तर पर ‘ध्वज बैठक’ (फ्लैग मीटिंग) भी हुई, जिसमें बांग्लादेश के अधिकारियों ने गोलीबारी को लेकर चिंता प्रकट की । (बांग्लादेशी तस्करों को लेकर नहीं, अपितु उन्हें रोकने के लिए भारत के सीमा सुरक्षा बल द्वारा की गई गोलीबारी को लेकर चिंता जताने वाले बांग्लादेशी अधिकारी ! ऐसे उद्दंड अधिकारियों को सबक सिखाना आवश्यक है ! – संपादक)

तस्करी सहन नहीं की जाएगी ! – भारत

भारतीय सीमा सुरक्षा बल ने स्पष्ट कहा है कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर तस्करी किसी भी स्थिति में सहन नहीं की जाएगी । यदि सुरक्षा बलों पर आक्रमण हुआ, तो आत्मरक्षा में प्रत्युत्तर देना अनिवार्य हो जाता है ।

सीमा पर बढाई गई सुरक्षा

इस घटना के पश्चात सीमा सुरक्षा बल ने सीमा क्षेत्रों में गश्त को अधिक तीव्र कर दिया है । अधिकारियों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के संबंध में भारत की नीति ‘शून्य सहिष्णुता’ की है । तस्करी पर नियंत्रण हेतु शीघ्र ही ड्रोन, रात्रि दृष्टि कैमरे (नाइट विजन कैमरे) तथा अतिरिक्त गश्त की व्यवस्था की जा रही है ।

संपादकीय भूमिका

अब तक बांग्लादेशी तस्कर गोवंश की तस्करी करते थे, किंतु अब वे औषधियों की भी तस्करी करने लगे हैं ,इसका तात्पर्य यह है कि बांग्लादेश अब भिक्षा पर निर्भर हो गया है तथा शीघ्र ही उसका दिवाला निकलने वाला है, यह स्पष्ट प्रतीत होता है ।