२५ लोगों की मृत्यु, तो ७ सहस्र महिलाओं के साथ छेडछाड ! |
बंगाल में यदि इतनी बडी मात्रा में हिंसा हुई हो, तो बंगाल में राष्ट्रपति शासन क्यों नहीं लगाया गया ? यह प्रश्न तो सामान्य जनता के मन में उठेगा ही !

नई देहली – बंगाल में हुई हिंसा के संदर्भ में जांच करनेवाली समिति ने केंद्र सरकार को प्रस्तुत ब्योरे में बंगाल के विधानसभा चुनाव के उपरांत राज्य में हिंसा की १५ सहस्र घटनाएं हुईं जिनमें २५ लोगों की मृत्यु होने की बात कही है । इस ब्योरे में ७ सहस्र महिलाओं के साथ छेडछाड की घटनाएं होने को भी बताया गया है । केंद्रीय गृहराज्यमंत्री जी. किशन रेड्डी ने बताया कि सिक्किी उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश प्रमोद कोहली के नेतृत्व में गठित ५ सदस्यीय नागरिक समाज समूह की ओर से ‘कॉल फॉर जस्टिस’ नाम से एक ब्योरा प्रस्तुत किया गया है । इसमें स्पष्टता से कहा गया है कि हिंसा की ये घटनाएं पूर्वनियोजित थीं । यह एक योजनाबद्ध षड्यंत्र था । हिंसा के उपरांत अनेक लोगों ने अपने घर छोडकर असम, झारखंड एवं ओडिशा राज्यों में शरण ली । गृहमंत्रालय इस ब्योरे का अध्ययन कर उसमें की गई अनुशंसाओं को लागू करने का प्रयास करेगा ।
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