देहली – यहां नवरात्रि, दिवाली और छठ पूजा के काल में सार्वजानिक स्थानों पर एकत्रित होने और पटाखे जलाने पर प्रतिबंध था, जिसका समाज के अनेक वर्गों ने स्वागत किया, क्योंकि कोरोना महामारी के काल में पर्यावरण और समाज के स्वास्थ्य को ध्यान में रख ही त्यौहार मनाना हिन्दू धर्म सिखाता है ।
किंतु आज देखा जा रहा है कि देहली एन सी आर के अनेक स्थानों पर सार्वजानिक पार्टियों के विज्ञापन, ऑनलाइन भी दिखाई दे रहे हैं । अनेक विशेषज्ञ कोरोना की दूसरी लहर आने की संभावना व्यक्त कर रहे हैं । २५ तथा ३१ दिसंबर की रात को ऐसी पार्टियों के कारण कोरोना का संक्रमण अधिक मात्रा में फैलने की संभावना भी अधिक है । इस समय रात को राज्य के प्रमुख पर्यटनस्थलों, किलों, ऐतिहासिक स्थलों आदि सार्वजनिक स्थानों पर जाना तथा वहां होनेवाली अनुचित घटनाओं को प्रतिबंधित किया जाए । सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान – मदिरासेवन करने और पार्टियां करने पर प्रतिबंध लगाया जाए, साथ ही पटाखे जलाने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया जाए, इस मांग के लिए केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय, देहली प्रदूषण नियंत्रण समिति, देहली के राज्य पर्यावरण मंत्रालय, और देहली के सभी (११) जिलों के जिला आयुक्तों को ज्ञापन मेल के माध्यम से दिया गया ।
इसके अतिरिक्त इसी संदर्भ में नोएडा के सिटी मजिस्ट्रेट ऑफिस में भी हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से ज्ञापन दिया गया ।
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(और इनकी सुनिए…) ‘ वर्तमान काल में वैकुंठगमन इत्यादि कहना मुझे स्वीकार्य नहीं है, यह विशिष्ट वर्ग द्वारा थोपी गई बातें हैं । ’- Sharad Pawar
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