संयुक्त राष्ट्रसंघ में कश्मीर का मुद्दा उठानेवाले पाकिस्तान को भारत ने आईना दिखा दिया है ।
अब भारत से अपेक्षा की जाती है कि वह न केवल पाकिस्तान को बेनकाब करने के लिए कठोर कदम उठाए, बल्कि उसे नष्ट भी करे !

संयुक्त राष्ट्रसंघ: पाकिस्तान आतंकवादियों का एक गढ और अभयारण्य है तथा यह देश आतंकवादियों को शहीद कहता है, भारत ने ऐसा कहा है । संयुक्त राष्ट्रसंघ की ७५ वीं वर्षगांठ के अवसर पर २१ सितंबर को आयोजित एक विशेष समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली एक अधिकारी विदिशा मैत्रा ने पाकिस्तान को करारा उत्तर दिया ।
Another repetition of the baseless falsehoods that have become a trademark of Pakistan’s interventions. A nation bereft of milestones!
Watch India’s Right of Reply ⬇️ pic.twitter.com/9fGPeAoKkp
— India at UN, NY (@IndiaUNNewYork) September 22, 2020
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने संयुक्त राष्ट्रसंघ की विफलता पर टिप्पणी करते हुए एक वीडियो संदेश भेजा, जिसमें कहा गया था कि जम्मू-कश्मीर और फिलिस्तीन की स्थिति एक जैसी ही है एवं दोनों स्थानों के नागरिकों को न्याय की प्रतीक्षा है । मैत्रा ने कहा संयुक्त राष्ट्रसंघ का कोई एजेंडा आतंकवाद के बिना पूरा नहीं हो सकता । संयुक्त राष्ट्र के एजेंडे में आतंकवाद का पूर्ण उन्मूलन है । यह ज्ञात हो, कि पाकिस्तान को दुनिया भर में आतंकवाद के केंद्र के रूप में जाना जाता है । पाकिस्तान आतंकवादियों का अभयारण्य है और वहां उनको शहीद का दर्जा दिया जाता है । पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय पर निरंतर अत्याचार बढ रहे हैं । संयुक्त राष्ट्रसंघ के मंच का उपयोग पाकिस्तान द्वारा सदा झूठ बोलने और झूठे आरोप लगाने के लिए किया जाता है । जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है । पाकिस्तान के विदेश मंत्री द्वारा लगाए गए आरोप भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप है तथा पाकिस्तान के विदेश मंत्री के ये आरोप मात्र उनकी कल्पना हैं ।
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