
साधकों को सूचना, साथ ही पाठकों, हितचिंतकों एवं धर्मप्रेमियों से विनम्र अनुरोध !
‘संपूर्ण देश में ‘कोरोना’ विषाणु का तीव्रगति से प्रसार हो रहा है । इस परिस्थिति में सभी को भीडवाले स्थान पर न जाना, अनावश्यक यात्रा न करना, सामाजिक दूरी बनाए रखना, मास्क का उपयोग करना आदि सूचनाआें का पालन करना आवश्यक है । जिन्हें अनिवार्य कारणों के लिए अथवा नौकरी के कारण प्रतिदिन घर से बाहर जाना पडता है और भले ही उनमें सर्दी, खांसी अथवा बुखार के लक्षण न हों; परंतु तब भी वे प्रतिदिन २ – ३ बार ५ – ६ मिनट के लिए नाक के द्वारा भांप लें ।
जिनमें सर्दी, खांसी अथवा बुखार के लक्षण हैं, उन्हें प्रति ३ घंटे पश्चात भांप लेना आवश्यक है । गरम पानी में नमक और हलदी मिलाकर दिन में ५ – ६ बार कुल्ला करें, साथ ही डॉक्टर से मार्गदर्शन लें । संभव हो, तो घर के अन्य सदस्यों से स्वयं को अलग रखें ।
स्वयं में प्रतिकारक्षमता बढाने हेतु सभी को संतुलित आहार और पर्याप्त नींद लेना आवश्यक है ।’
– डॉ. पांडुरंग मराठे, सनातन आश्रम, रामनाथी, गोवा. (८.८.२०२०)
साधको, जिज्ञासुओं के ‘हमारे’ बन जाने पर नहीं, अपितु वे ‘हमारे’ बनें; इसके लिए तत्परता से उन्हें पाठक बनाएं !
साधको, आनेवाले आपातकाल का सामना करने के लिए श्रद्धा के बल पर साधना में आनेवाली बाधाओं पर विजय प्राप्त करो !
साधको, शब्दशक्ति के माध्यम से संदेह फैलाने हेतु सक्रिय सातवें पाताल की बडी अनिष्ट शक्तियों की चाल पहचानकर साधना बढाओ !
साधको, वर्षा ऋतु आरंभ होनवाली है; इसलिए कहीं कोई सामग्री भेजते समय, उसे प्लास्टिक के आवरण में बांधकर ही भेजें !