सनातन प्रभात > Post Type > सच्चिदानंद परब्रह्म डाॅ. आठवले > परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के ओजस्वी विचार परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के ओजस्वी विचार 26 Apr 2021 | 07:30 AMMay 2, 2021 Share this on :TwitterFacebookWhatsapp शोकांतिका ! (परात्पर गुरु) डॉ. आठवले ‘पहले घूस (रिश्वत) लेनेवाले को खोजना पडता था, अब घूस न लेनेवाले को खोजना पडता है !’ – (परात्पर गुरु) डॉ. आठवले Share this on :TwitterFacebookWhatsapp नूतन लेख सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचारसच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचारसच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचारग्रंथवाचन एवं ग्रंथों के लिए चिन्हित कतरनों से सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी का ध्यान में आया ईश्वरत्व !कर्मयोग, ज्ञानयोग एवं भक्तियोग के क्रम में हुई परम पूज्य डॉक्टरजी की आध्यात्मिक यात्रासच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार