|

वाराणसी (उत्तरप्रदेश) – ज्ञानवापी के सर्वेक्षण को एक सप्ताह हो गया है तब भी मुसलमान पक्ष में से एक अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमिटी ने उसके विरोध में जिला न्यायालय के द्वार खटखटाए । कमिटी ने २१ जुलाई २०२३ को जिला न्यायालय द्वारा दिए आदेश का संदर्भ देते हुए कहा कि भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा सर्वेक्षण करते समय होनेवाला पूरा खर्च हिन्दू पक्ष को उठाना चाहिए । कमिटी ने आरोप किया है कि विभाग का खर्च हिन्दू पक्ष द्वारा न दिए जाने से सर्वेक्षण त्वरित रोका जाए । इस प्रकरण में १७ अगस्त को हिन्दू पक्ष अपनी भूमिका प्रस्तुत करेगा ।
ज्ञानवापी के ASI सर्वे पर मीडिया कवरेज पर रोक लगाने की मांग, कोर्ट पहुंचा मुस्लिम पक्ष @iSamarthS #GyanvapiMosque https://t.co/pbOg5BkyaK
— AajTak (@aajtak) August 9, 2023
इस अवसर पर कमिटी ने पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के काम करने की पद्धति पर भी आक्षेप लिया है । कमिटी का कहना है कि विभाग के सदस्य किसी भी समय सर्वेक्षण आरंभ कर देते हैं । उनके काम को कोई समयमर्यादा नहीं होती । उनकी कार्यप्रणाली पर भी न्यायालय द्वारा आदेश दिया जाए । इसकारण भी सर्वेक्षण रोका जाए ।
ज्ञानवापी के सर्वेक्षण की जानकारी प्रसारमाध्यमों को न दिए जाने का न्यायालय का आदेश !गत सप्ताह से ज्ञानवापी के परिसर का सर्वेक्षण शुरू है । इसमें भारतीय पुरातत्व विभाग के अधिकारी, साथ ही हिन्दू एवं मुसलमान पक्षों के सदस्य भी सम्मिलित हैं । ऐसे में जो भी इस सर्वेक्षण में सम्मिलित हैं, वे प्रसारमाध्यमों को इस संदर्भ में कोई भी जानकारी ने दें, ऐसा आदेश वाराणसी न्यायालय ने ९ अगस्त को दिया । इसके साथ ही ज्ञानवापी के बाहर प्रसारमाध्यमों को वार्तांकन (रिपोर्टिंग) न करने का आदेश भी न्यायालय ने दिया है । |
संपादकीय भूमिका
|
आषाढी वारी में श्रद्धालुओं को असुविधा नहीं होगी, इसकी चिंता करें – देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री
‘एन.सी.ई.आर.टी.’ की पाठ्यपुस्तक में मराठा साम्राज्य का इतिहास पुनः सम्मिलित करने के लिए केंद्र सरकार से विचार विमर्श निरंतर हो रहा – दादा भुसे, स्कूली शिक्षा मंत्री आवश्यक सामग्री केंद्र शासन को प्रस्तुत ।
बांग्लादेश में गत ५ महीनों में हिन्दुओं के विरुद्ध ६४५ आपराधिक घटनाएं प्रविष्ट हुईं !
NCERT Introduces Emergency : ‘एन.सी.ई.आर.टी.’ की कक्षा ९वीं की पुस्तक में आपातकाल (इमरजेंन्सी) की जानकारी समाहित
‘लव जिहाद’ के अंतर्राष्ट्रीय षड्यंत्र के प्रकरण में १४ लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र प्रस्तुत !
धर्म छिपाकर विवाह करने से भले ही वह अवैध ठहरा, फिर भी पीडिता को गुजारा भत्ता (पोटगी) पाने का अधिकार ! – Madhya Pradesh High Court