एनसीईआरटी द्वारा इस प्रकार का असत्य और मुगलों का समर्थन करनेवाला इतिहास सिखाया जाना देश के हिन्द़ुआें के साथ विश्वासघात है । इसके लिए उत्तरदायी भाजपा सरकार को कार्यवाही कर उन्हें आजन्म कारावास में रखना चाहिए !
नई देहली – केंद्र सरकार के अंतर्गत आनेवाले एनसीईआरटी की (‘नेशनल कौन्सिल ऑफ एज्युकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग’ का) कक्षा १२ वीं के ‘थीम्स ऑफ इंडियन हिस्ट्री पार्ट-टू’ इस इतिहास की पुस्तक के पृष्ठ क्रमांक २३४ पर मुगल बादशाह शहाजहां और औरंगजेब द्वारा युद्ध के समय मुगल सेना द्वारा गिराए मंदिरों की मरम्मत करने के लिए आर्थिक व्यवस्था करने का उल्लेख है । उस विषय में सूचना अधिकार के अंतर्गत प्रमाण और संबंधित मंदिरों की जानकारी मांगने पर एनसीईआरटी ने उत्तर दिया कि इस विषय में कोई कागदपत्र नहीं हैं । शिक्षणक्षेत्र से संबंधित डॉ. इंदू विश्वनाथन् ने ट्वीट करके यह जानकारी दी।
१८ नवंबर २०२० को एनसीईआरटी द्वारा शिवांक वर्मा को पत्र भेजा गया है । इस पर ‘हेड ऑफ डिपार्टमेंट एंड पब्लिक इंन्फॉर्मेशन ऑफिसर’ प्रा. गौरी श्रीवास्तव के हस्ताक्षर हैं । यह पत्र डॉ. इंदू विश्वनाथन् ने प्रसारित किया है । (१५.१.२०२१)
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शनिशिंगणापुर स्थित श्री शनिदेव की मूर्ति के संवर्धन हेतु वज्रलेपन किया जाएगा ।
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(और इनकी सुनिए…) ‘ वर्तमान काल में वैकुंठगमन इत्यादि कहना मुझे स्वीकार्य नहीं है, यह विशिष्ट वर्ग द्वारा थोपी गई बातें हैं । ’- Sharad Pawar
आश्वासनों की पूर्ति में तेजी लाने के लिए महाराष्ट्र विधानमंडल करेगा ‘सॉफ्टवेयर’ का निर्माण !
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