तुर्किस्तान को भारत के अंतर्गत मामलों में नाक नहीं घुसेडना चाहिए, उसे अपने देश में क्या चल रहा है, इस ओर ध्यान देना चाहिए ! काश्मीर के मुद्दे पर सतत भारत विरोधी भूमिका लेने वाले तुर्किस्तान को वह जिस भाषा में समझे ,उसी भाषा में अब भारत द्वारा सबक सिखाया जाना चाहिए !

अंकारा (तुर्कस्तान) – तुर्किस्तान के विदेश मंत्री मेवलुट कावुसोग्लू ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में बोलते समय, ‘हम भारत से मांग कर रहे हैं कि, उसे जम्मू-काश्मीर के नागरिकों पर लगाए प्रतिबंधों में छूट देनी चाहिए ।
"We would advise Turkey to practise what it preaches…"
In a strong message to Turkey, New Delhi reminded Ankara of the UN Security Council resolutions on Cyprus after the latter raked UNSC resolutions on Kashmir at UNHRC.
(Report by @sidhant)https://t.co/cRZoWD1LS3
— WION (@WIONews) February 24, 2021
हमारी इच्छा है कि संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के आधार पर जम्मू-काश्मीर की समस्या शांति से और वहां के नागरिकों की अपेक्षानुसार हल करनी चाहिए ।’ इससे पूर्व सितंबर २०२० में तुर्किस्तान के राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन ने भी संयुक्त राष्ट्र की महासभा में काश्मीर का मुद्दा उठाया था ।
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