
दोहा (कतर) – कतर देश में भारत के ८ निवृत्त नौसेना अधिकारी और कर्मचारीयों को जासूसी के प्रकरण में फांसी का दंड सुनाया गया है । उनको छुडाने के लिए भारत की ओर से नियमित प्रयास किये जा रहे हैं । इस संदर्भ में तुर्कीये भारत की सहायता कर सकता है क्या ? इस पर विचार किया जा रहा है । तुर्किये पाकिस्तान का नजदीकी मित्र ही नहीं बल्कि उसके कतर से अच्छे संबंध भी हैं । तुर्किये के कतर के शेख तमीम बिन हमाद अल थानी इस शाही परिवार से अच्छे संबंध हैं । इस कारण भारत की ओर से तुर्किये का मध्यस्थ के रूप में प्रयोग किए जाने का प्रयास किया जा रहा है ।
दूसरी ओर भारत अमेरिका से भी इस विषय पर चर्चा कर रहा है । अमेरिका के कतर से अच्छे संबंध हैं । ये दोनों प्रयास असफल हुए, तो प्रधानमंत्री मोदी स्वयं कतर के शेख तमीम बिल हमाद से चर्चा कर सकते हैं । प्रधानमंत्री मोदी के उनसे अच्छे व्यक्तिगत संबंध हैं ।
कतर और भारत के बीच तनाव क्यों ?
भारत से कतर के अच्छे संबंध हैं, तो भी कुछ बातों के कारण दोनों में तनाव निर्माण हो रहा है । इसराइल कतर का शत्रु है और भारत का मित्र है । यह मित्रता कतर को सहन नहीं हो रही है । साथ ही भारत के सऊदी अरेबिया और संयुक्त अरब अमीरात से अच्छे संबंध निर्माण हुए हैं । यह भी कतर को सहन नहीं हो रहा; कारण कतर जिहादी आतंकवादियों का समर्थन करता है । तालिबान, हमास और हिजबुल्ला के आतंकवादी नेता कतर में आकर रहते हैं । पाकिस्तान से भी कतर के अच्छे संबंध हैं ।
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