कु. कृतिका खत्री जन्म-मृत्यूच्या फेर्‍यांतून मुक्त झाल्याचे घोषित झाल्यावर देवाने सुचवलेली कविता

सौ. स्वानंदी जाधव

लिखती हो किसी भी साधक के लिए तत्काल कविता ।
आज आपके लिए हम क्या लिखें कृतिका ॥ १ ॥

तीव्र कष्ट पर मात कर हो गई आप जन्म-मृत्यु से पार ।
है तडप और गुरुदेवजी पर श्रद्धा आपकी अपार ॥ २ ॥

भाव के प्रयासों से रखा मन आपने श्रीगुरुचरणों में ।
जीत गए आप सद्गुरुआें का मन जीतने में ॥ ३ ॥

प्रांजलता है आपका गुण, कहते हैं सद्गुरु काकाजी (टीप) ।
क्षात्रतेज के बल पर हो गई आप सनातन की रणरागिनी ॥ ४ ॥

लगन से आपने साधना के प्रयासों को पकडकर रखा ।
इसलिए कृष्णजी ही आज बन गए आपके सखा ॥ ५ ॥

रहे ऐसी ही कृपादृष्टि आप पर अखंड रूप से ।
यही प्रार्थना है, विष्णुस्वरूप गुरुदेवजी से ॥ ६ ॥

टीप – सद्गुरु (डॉ.) चारुदत्त पिंगळे

– सौ. स्वानंदी जाधव, देहली आश्रम, देहली (१५.६.२०१९)


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