संकटकालीन स्थिति में (कोरोना की पृष्ठभूमि पर) धर्मशास्त्र के अनुसार गुरुपूर्णिमा मनाने की पद्धति !

इस वर्ष कोरोना संकट की पृष्ठभूमि पर हमने घर पर रहकर ही भक्तिभाव से श्री गुरुदेवजी के छायाचित्र का पूजन अथवा मानसपूजन किया, तब भी हमें गुरुतत्त्व का एक सहस्र गुना लाभ मिलेगा ।

आत्मनिर्भर पंखों की ऊंची उडान !

कोरोना से उत्पन्न विकट आर्थिक संकटों का सामना करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को आत्मनिर्भर बनाने का जो मार्ग चुना है, वह निश्‍चित ही प्रशंसनीय है ।

कोरोना संकट के विरुद्ध संघर्ष करते समय सामने आई वास्तविकता बतानेवाले एक डॉक्टर का आत्मकथन !

अप्रैल महीने में मुंबई के चिकित्सालयों में काम करनेवाले चिकित्साकर्मियों को कोरोना का संक्रमण न हो; इसके लिए आधुनिक वैद्यों के लिए परिधान करने हेतु अनिवार्य व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई किट का) आधुनिक वैद्य और परिचारिकाओं को अनेक समस्याओं का सामना करना पडता है ।

कोरोना विषाणु की रोकथाम हेतु ‘आर्सेनिक आल्ब ३०’ होमियोपैथी औषधि लें !

कोरोना विषाणु के संक्रमण के कारण होनेवाली बीमारी से हमारी रक्षा हो अथवा उसकी रोकथाम हो; इसके लिए आयुष मंत्रालय द्वारा प्रकाशित परिपत्रक में होमियोपैथी की आर्सेनिक आल्ब ३० औषधि सुझाई गई थी । यह प्रतिरोधक औषधि सभी साधक स्मरणपूर्वक लें, यह महर्षिजी की आज्ञा है ।

कोरोना विषाणु के प्रसार से उत्पन्न आपातकाल में भी आध्यात्मिक बल बढाने के लिए संपूर्ण विश्‍व के जिज्ञासुओं के लिए लाभदायक बना एस.एस.आर.एफ. का ऑनलाइन कार्यक्रम

कोरोना के भयंकर महामारीकाल में आध्यात्मिक बल बढाने के लिए एस.एस.आर.एफ. ने ऑनलाइन सामूहिक नामजप के एक-एक घंटे के ३ सत्र आयोजित किए थे । इस नामजप सत्संग में ४०० से ५०० लोग सम्मिलित हुए थे ।

कोरोना की वैश्‍विक महामारी में दिखी दानशूरता !

समग्र विश्‍व में उत्पात मचानेवाले, जिसका अभी तक कोई टीका नहीं बना है; ऐसी कोरोना की बीमारी का ईश्‍वरीय शक्ति के अतिरिक्त अन्य कोई सहारा नहीं है ।

कोरोना की भीषण महामारी के समय आध्यात्मिक बल बढाने के संदर्भ में सनातन प्रभात में बताए नामजप के संदर्भ में इंदौर (मध्य प्रदेश) के हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. आनंद जाखोटिया को समझ में आए सूत्र

आजकल कोरोना महामारी पर प्रतिबंधात्मक उपचार के लिए सनातन प्रभात में चिकित्सा, साथ ही आध्यात्मिक बल बढाने हेतु श्री दुर्गादेव्यै नमः ३ बार, श्री गुरुदेव दत्त १ बार, श्री दुर्गादेव्यै नमः ३ बार और ॐ नमः शिवाय १ बार नामजप करने की सूचना पढने को मिली ।

कोरोना विषाणु की रोकथाम हेतु पू. डॉ. मुकुल गाडगीळजी द्वारा बताया नामजप करते समय ६१ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर के साधक श्री. प्रताप सिंह वर्मा को हुई अनुभूति

नामजप करते समय जपमाला से प्रचुर मात्रा में अच्छे स्पंदन प्रक्षेपित हो रहे थे । नामजप करते समय चैतन्य के कारण जपमाला में समाहित मणि हिल रहे थे और श्री दुर्गामाता के चरणों में बार-बार कृतज्ञता व्यक्त हो रही थी ।