दिल्ली नगरपालिका कोरोना से मुक्त होने वालों पर आयुर्वेद और पंचकर्म के द्वारा आगे का उपचार करेगी
दिल्ली नगरपालिका कोरोना से मुक्त होने वालों पर आयुर्वेद और पंचकर्म की सहायता से उपचार करने के लिए अस्पतालों में विशेष विभाग बनाएगी ।
दिल्ली नगरपालिका कोरोना से मुक्त होने वालों पर आयुर्वेद और पंचकर्म की सहायता से उपचार करने के लिए अस्पतालों में विशेष विभाग बनाएगी ।
‘चीन को उंगली पकडाई, उसने पहुंचा पकडा’ इससे यही स्पष्ट होता है ! आज तमिल भाषा को हटाने वाला चीन कल संपूर्ण श्रीलंका को अपने नियंत्रण में ले लेगा इसका आश्चर्य न हो ! कोलंबो (श्रीलंका) – श्रीलंका सरकार के प्रकल्पों के विषय में प्रदर्शित होने वाले बैनरों पर हमेशा अंग्रेजी, सिंहली और तमिल इन … Read more
विश्व के सबसे बडे ऑनलाईन ‘सर्च इंजन’ गूगल ने कन्नड भाषा को ‘भारत की सबसे गंदी भाषा’ ऐसा कहा था । इसका भारतीयों की ओर से, साथ ही कर्नाटक सरकार की ओर से विरोध होने के बाद गूगल ने भारतीयों से क्षमा मांगी है ।
यहां स्थित मछुआरों के गांव कोलवम में लोग कोरोना का टीका लें, इसलिए ‘लकी ड्रॉ’ द्वारा निःशुल्क रयानी एवं उपहार देने की योजना कार्यान्वित की जा रही है ।
मैं कांग्रेस के भूतपूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के कारण ही असम का मुख्यमंत्री बन पाया ।इसलिए, मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं,
नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआर्इआर्इए ) चिकित्सालय में अब तक ६०० कोरोना रोगियों का उपचार किया जा चुका है। विशेष रूप से कुल रोगियों में से किसी की भी मृत्यु नहीं हुई।
योगऋषि रामदेव बाबा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अनुसार अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं, यह कहते हुए देहली उच्च न्यायालय ने रामदेवबाबा को एलोपैथी के विरुद्ध अथवा पतंजली के ‘कोरोनिल’ किट के समर्थन में बोलने से रोकना नकार दिया है ।
यहां एशिया के सबसे बड़े चिकत्सालय के परिसर में स्थापित १,२०० बिस्तरों वाले कोविड चिकित्सालय में किए गए एक शोध से पता चला है कि ‘कोरोना रोगियों पर एलोपैथी के साथ आयुर्वेदिक उपचार करना संजीवनी सिद्ध हो रहा है ।
गाजियाबाद के प्रसिद्ध डासना देवी मंदिर में दो जून की रात दो युवकों को मंदिर के सेवकों ने पकड़ा ।वे दोनों स्वयं को हिन्दू बताते हुए मंदिर के प्रवेश द्वार पर आए थे तथा पूछताछ में पता चला कि उनमें से एक मुसलमान था
‘नेस्ले’ नामक विदेशी प्रतिष्ठान के अंतर्गत कागजातों, उसके ६० प्रतिशत खाद्य एवं पेय पदार्थ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताए गए हैं । ‘फाइनेंशियल टाइम्स’ द्वारा प्रकाशित एक समाचार में यह जानकारी दी गर्इ है ।