साधकों, सामने खडे घोर आपातकाल को देखते हुए सामाजिक माध्यमों जैसे साधनों का अनावश्यक प्रयोग कर समय व्यर्थ न गंवाएं !

आजकल मनुष्‍य ‘वॉट्‍स एप’, ‘फेसबुक’, ‘ट्विटर’, ‘टेलीग्राम’, ‘इंस्‍टाग्राम’ इत्‍यादि सामाजिक माध्‍यमों कागुलाम होता जा रहा है और इसके द्वारा वह अपने जीवन का अमूल्‍य समय अनावश्‍यक और अर्थहीन बातें देखने में खर्च कर रहा है ।

साधकों, आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण शीघ्र करवा लें !

लेखों में दिए वर्णन से यह ध्‍यान में आएगा कि संकटकाल में चिकित्‍सालय, डॉक्‍टर, वैद्य, औषधियां आदि का सहजता से उपलब्‍ध होना कठिन है । उसी प्रकार एलोपैथी चिकित्‍साशास्‍त्र के अनुसार आवश्‍यक परीक्षण, वैद्यों से जांच कराने से लेकर रक्‍त-मूत्र जैसे परीक्षण और सीटी स्‍कैन, एंजियोग्राफी जैसी अधिक जटिल प्रकार के परीक्षण कराना भी कठिन होगा ।

सदनिका (फ्‍लैट) खरीदते समय कौन-कौन सी सावधानियां बरतें ?

आपातकाल की दृष्‍टि से सदनिका का चयन करते समय सभी मापदंडों के अनुसार उसकी जांच करना आवश्‍यक है । आजकल अनेक स्‍थानों पर बडी गृह-परियोजनाएं चलाई जा रही हैं । उस परियोजना में सदनिका खरीदते समय या अन्‍य सहकारिता गृहनिर्माण संस्‍थाआें (को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी) में सदनिका खरीदने के पूर्व अनेक कागपदत्रों को जांचना महत्त्वपूर्ण है … Read more

भूमि खरीद और ठेकेदार से घर का निर्माण करवाते समय संभावित धोखाधडी टालने हेतु कानूनी बातों की आपूर्ति करें !

अनेक बार हम खाली भूमि खरीदते हैं अथवा खाली भूमि पर निर्माणकार्य करते हैं । सर्वप्रथम आपातकाल की दृष्टि से निर्माणकार्य के लिए भूमि का चुनाव करते समय उसके सभी मापदंडों की पडताल करें । खाली भूमि खरीदते समय अथवा उस पर निर्माणकार्य करने से पूर्व अनेक दस्तावेजों की पडताल कर लेना महत्त्वपूर्ण होता है ।

साधको, वैकल्पिक स्थान पर घर अथवा स्थान खरीदते अथवा किराए से लेते समय होनेवाली ठगी टालने के लिए सतर्क रहें !

आपातकाल की तैयारी की दृष्टि से वर्तमान में कुछ साधक वैकल्पिक स्थान पर घर अथवा स्थान खरीदने का प्रयत्न कर रहे हैं तथा कुछ साधक किराए से घर ले रहे हैं । कुछ साधक उनके अपरिचित स्थान पर घर अथवा स्थान खरीदते हैं, तब संपत्ति खरीदी की प्रक्रिया के कुछ लोग अत्यधिक मूल्य बताकर साधकों को ठग रहे हैं, ऐसा ध्यान में आया है ।

साधकों के लिए सूचना और पाठक, हितचिंतक और धर्मप्रेमियों से नम्र विनती !

वर्तमान में कोरोना महामारी के कारण अनेक प्रतिष्ठान बंद हो गए हैं तथा सर्वत्र बेरोजगारी बढी है । इस परिस्थिति का दुरुपयोग कर कुछ व्यक्ति सहस्रों-लाखों रुपयों की लॉटरी लगने अथवा मूल्यवान वस्तुआें के पारितोषिक मिलने के संदेश, ऑडियो मेसेज, लिंक सर्वत्र प्रसारित कर रहे हैं ।

शारदीय ऋतुचर्या – शरद ऋतु में नीरोगी रहने के लिए आयुर्वेदिक उपाय !

वर्षा ऋतु समाप्‍त होते ही सूर्य की प्रखर किरणें धरती पर पडने लगती हैं, तब शरद ऋतु प्रारंभ होती है । शरद ऋतु आरंभ होने पर अचानक उष्‍णता बढने से प्राकृतिक रूप से पित्तदोष बढता है तथा आंखें आना, फोडे होना, बवासीर की पीडा बढना, ज्‍वर आना आदि विकारों की शृंखला ही निर्माण होती है ।

ठंड के मौसम में होनेवाली बीमारियों के सरल उपचार

ठंड के मौसम में ऋतुचक्र के अनुसार ठंड और सूखापन बढता है । उसका उचित प्रतिकार न करने से विविध बीमारियां होती हैं । इनमें से अधिकतर बीमारियां ‘तेल का उचित उपयोग करने और सेंकने जैसे उपचारों से ठीक होती हैं ।

शांत निद्रा के लिए सरल आयुर्वेदीय उपचार

एलोपैथी के उपचारों से विकार ठीक नहीं हुआ है;  परंतु आयुर्वेदीय उपचारों से वह ठीक हो गया है, ऐसा अनुभव आपको हुआ हो, तो वह आगे दिए अनुसार विस्‍तृत लिखकर अथवा टंकित कर वैद्य मेघराज पराडकर के नाम ‘२४/ब, सनातन आश्रम, रामनाथी, बांदिवडे, फोंडा, गोवा, पिन – ४०३ ४०१’, इस पते पर अथवा [email protected] इस इ-मेल पते पर भेजें ।

आपातकाल में जीवनरक्षा हेतु आवश्यक पूर्वतैयारी

आपातकालीन लेखमाला के पिछले भाग में हमने पारिवारिक स्‍तर पर आवश्‍यक नित्‍य उपयोगी वस्‍तुआें के विकल्‍प के विषय में जानकारी प्राप्‍त की । इस लेख में स्‍वास्‍थ्‍य की दृष्‍टि से आवश्‍यक व्‍यवस्‍था के विषय में जानकारी प्राप्‍त करेंगे ।