पादरियों की वासनांधता की बलि !

पादरियों की वासनांधता से विश्‍व अपरिचित नहीं है । अनेक दशकों से अमेरिका और यूरोप में पादरी महिलाओं, छोटे बच्‍चों और ननों का लैंगिक शोषण कर रहे हैं, ऐसे समाचार सामने आ रहे हैं । इन प्रकरणों में ईसाईयों के सर्वोच्‍च धर्मगुरु पोप ने क्षमा भी मांगी है ।

आयुर्वेद व भारत का दायित्व

भारत को ऐतिहासिक, धार्मिक और आध्‍यात्मिक धरोहर प्राप्‍त होने से देश सभी स्‍तरों पर वैभवसंपन्‍न और बलशाली बना है । इन सब के साथ ही भारत को आयुर्वेदशास्‍त्र की भी देन है । आयुर्वेद का आरंभ ब्रह्माजी से हुआ है तथा अनुमानत: ३ सहस्र वर्षों से चली आ रही व्‍यापक एवं उच्‍च परंपरा उसे प्राप्‍त है ।

मणिपुर शासन के पाठ्यक्रम में संस्कृत भाषा को समाविष्ट करने का विद्यार्थी संगठन का विरोध

कंगपोकपी जिले के सनातन संस्‍कृत विद्यालय की भेंट के समय राज्‍य के शिक्षामंत्री एस. राजेन ने सरकार की योजना के विषय में पत्रकारों को बताया कि मणिपुर विश्‍वविद्यालय इस विषय के लिए अलग विभाग आरंभ करने का विचार कर रहा है ।

हिन्दुओ सावधान !

फ्रान्‍स के नीस शहर में जिहादी आक्रमण के समान ही रूस के मुसलमानबहुल शहर कुक्‍मोर में एक १६ वर्ष के धर्मांध लडके नेे ‘अल्लाह हू अकबर’ के नारे लगाते हुए और पुलिसवालों को ‘काफिर’ कहते हुए एक पुलिसवाले पर चाकू से वार किए । यह धर्मांध यहां के पुलिस थाने के भवन में आग लगाने के लिए आया था ।

अश्‍लील टिप्‍पणियां और दिखावे की सहानुभूति

राजनीतिक नेताआें की बयानबाजी देश के लिए नई नहीं है । अनेक बार बडे-बडे नेताआें की जीभ सार्वजनिक स्‍थानों पर फिसलती दिखाई देती है । ऐसी घटनाआें से बदनामी केवल उस नेता की अथवा उसके दल की नहीं होती; अपितु समूची राजनीति का ही स्‍तर गिरा हुआ लगता है, यह इन उदाहरणों से लगता है ।

देशप्रेमी पत्रकारिता !

‘जी न्‍यूज’ समाचार वाहिनी के संपादक सुधीर चौधरी को पाकिस्‍तानी आतंकवादियों ने दूरभाष पर धमकी दी है । आतंकवादी ने कहा कि ‘तुम पाकिस्‍तान के विरुद्ध बोलना बंद कर दो, नहीं तो तुम्‍हारी आवाज बंद कर दी जाएगी ।’

औषधं जान्हंवीतोयम् ।

काशी हिन्‍दू विश्‍वविद्यालय के न्‍यूरोलॉजी विभाग के एक शोधदल ने शोध किया है कि ‘गंगाजल का सेवन करनेवाले ९० प्रतिशत लोगों में कोरोना का संक्रमण नहीं हुआ ।’ इस विभाग ने यह शोधलेख ‘मेडिकल साइन्‍स एथिकल’ संस्‍था के पास भेजा है ।

आपातकाल से पार होने के लिए साधना सिखानेवाली सनातन संस्था !

आपातकालीन लेखमाला के इस लेख में हम परिवार के लिए आवश्‍यक नित्‍योपयोगी वस्‍तुआें के विषय में समझेंगे । ये वस्‍तुएं कौन-सी हैं, ऋतुआें के अनुरूप आवश्‍यक वस्‍तुएं, सुरक्षा के लिए आवश्‍यक वस्‍तुएं आदि के विषय में इस लेख में जानकारी दी गई है ।

‘जकात’ की ‘नाकाबंदी’ करें !

किसी व्‍यक्‍ति का किसी विषय में अच्‍छा अध्‍ययन है; पर उसकी मानसिकता ठीक नहीं होगी, तो वह उस ज्ञान का दुरुपयोग ही करेगा । इसी दृष्‍टि से, मुसलमान विद्यार्थियों को भारतीय प्रशासनिक सेवाआें में भरती होने के लिए छात्रवृत्ति और प्रशिक्षण देनेवाली ‘जकात फाउंडेशन ऑफ इंडिया’ नामक संस्‍था की ओर देखना चाहिए ।